मुंबई। गृह मंत्रालय द्वारा लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा सुरक्षा (एनएसए) के तहत हिरासत रद्द किए जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा, "यह हिरासत किस आधार पर की गई थी? क्या सबूत हवा में गायब हो गए? इसके अलावा भाजपा पर आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा को जबरदस्ती जीतने का आरोप लगाया है।
टीएमसी नेता मजीद मेमन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यदि कोई सामाजिक कार्यकर्ता या विरोधी ऐसी कोई बात कहता है, जिससे सरकार नाखुश होती है तो आप उन पर आप उस पर एनएसए लगा देते हैं, जिसमें कोई सुनवाई नहीं होती। बिना सुनवाई के हिरासत में ले लिया जाता है और फिर बाद में इसे वापस ले लिया जाता है तो ऐसा क्या हुआ कि आपको इसे वापस लेना पड़ा? क्या परिस्थितियां बदल गई हैं? क्या अचानक ऐसी स्थिति आ गई है जिसके कारण यह हिरासत आदेश वापस लेना पड़ा?"
मेमन आगे कहते हैं, "हम देख रहे हैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत भाजपा के बड़े नेता वहां डेरा डाले हुए हैं और जोर-शोर से कह रहे हैं कि वे ममता दीदी की सरकार को हर हाल में गिरा देंगे। संदेश यह जा रहा है कि वे किसी भी तरह से चाहे सही हो या गलत, चुनाव जीतना चाहते हैं और इसके लिए वे एजेंसियों और यहां तक कि चुनाव आयोग का भी दुरुपयोग कर सकते हैं।"
मजीद मेमन ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी का सपना है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों में वे इन राज्यों पर भी कब्जा कर लें। उनका मानना है कि उन्होंने देश के अधिकांश राज्यों को अपने पाले में कर लिया है। अब वे शेष राज्यों को भी अपने अधीन लाना चाहते हैं ताकि पूरा देश भगवा रंग में रंग जाए।"
सोनम वांगचुक को लेकर मजीद मेमन ने सरकार को घेरा, पूछा-आखिर सबूत कहां गए?

Saurabh Shukla
15 मार्च 2026, 04:30 pm IST
Saurabh Shukla15 मार्च 2026, 04:30 pm IST
