छतरपुर,संजय अवस्थी/शिवम यादव। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेगुवा क्षेत्र के हल्का पटवारी राहुल अग्रवाल को रंगे हाथों 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे कलेक्ट्रेट परिसर के सामने की गई। आरोपी पटवारी केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव की एक महिला से मुआवजे के नाम पर कुल 1 लाख 60 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
पीडि़ता शगुंती बाई सौंर, निवासी नेगुवा, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि परियोजना के कारण उनके गांव के विस्थापन के मुआवजे के रूप में शासन द्वारा उनकी बेटी के खाते में साढ़े 12 लाख रुपये जमा किए गए थे। उसी दिन से पटवारी राहुल अग्रवाल उनसे इनाम के नाम पर 1 लाख 60 हजार रुपये की मांग कर रहा था। पहले ही 40 हजार रुपये ले चुका था और गुरुवार को शेष 50 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेने के लिए महिला को कलेक्ट्रेट गेट पर बुलाया था। लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई में उसे पैसे लेते दबोच लिया।
कार्रवाई में 7 सदस्यीय लोकायुक्त टीम शामिल थी, जिसमें दो प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षक भी मौजूद थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को यातायात थाना लाया गया, जहां कानूनी कार्रवाई जारी है। मौके पर स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा। इस घटना से जिले में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक अमले में भी खलबली देखी जा रही है।
लोकायुक्त टीआई रोशनी जैन ने बताया कि शगुंती बाई की शिकायत पर सत्यापन किया गया। पीडि़ता ने अपनी हैसियत के अनुसार 50 हजार रुपये देने आई थीं, जिसे पटवारी ने कलेक्ट्रेट गेट पर लिया और टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। उन्होंने कहा कि पटवारी ने धमकी दी थी कि पैसे नहीं दिए तो मुआवजा राशि खाते से वापस ले ली जाएगी। पीडि़ता ने बताया कि पटवारी ने कई अन्य लोगों के साथ भी ऐसा किया है।
शगुंती बाई सौंर ने कहा कि पटवारी ने बार-बार धमकाया कि पैसे नहीं दिए तो मुआवजा राशि वापस चली जाएगी। लोकायुक्त ने बताया कि जांच जारी है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपी पटवारी को मुचलके पर छोड़ दिया जाएगा, क्योंकि लोकायुक्त कार्यवाही में जमानत का प्रावधान है। इस कार्रवाई से जिले के आम लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ उम्मीद जगी है।

