भूमि अर्जन में न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित करने की पहल

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लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार विकास के साथ उन किसानों एवं आम नागरिकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए, जिनकी भूमि विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया ऐसी हो कि प्रभावित परिवारों को उचित, न्यायसंगत और बेहतर मुआवजा प्राप्त हो सके। मंत्री श्री सिंह ने मंत्रालय में भू-अर्जन मुआवजा गणना फैक्टर निर्धारण समिति की बैठक में यह बात कही। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहे।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, अधोसंरचना निर्माण और अन्य विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भूमि की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। यह भूमि शासकीय भी हो सकती है और निजी भी, जिसमें किसान भाई एवं सामान्य नागरिक शामिल होते हैं। भूमि अर्जन के दौरान अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में मुआवजा राशि की गणना में किसी भी प्रकार की विसंगति न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भू-अर्जन मुआवजा गणना फैक्टर निर्धारण के लिये मंत्री समिति का गठन किया गया है।
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में मुआवजा गणना का फैक्टर-1 निर्धारित है। इस फैक्टर को बढ़ाने की संभावना पर विचार करने और सभी पक्षों की राय प्राप्त करने के उद्देश्य से समिति गठित की गई है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि समिति द्वारा किसानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, जन-प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री सहित विभिन्न संगठनों एवं जन-मानस के सुझावों को सुना जाएगा। इसी क्रम में बुधवार को मंत्रालय में समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी हितधारकों के साथ विस्तार से चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि सुझाव प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए psrevenue@mp.gov.in ई-मेल आईडी भी जारी की गई है, जिस पर कोई भी नागरिक अपने सुझाव भेज सकता है। प्राप्त सुझावों का व्यवहारिक एवं तथ्यात्मक अध्ययन किया जाएगा, जिसके पश्चात समिति आगे की आवश्यक कार्यवाही करेगी।
