अमेरिका में बदलते हालातों के बीच भारत, यूएस के साथ ट्रेड डील में अपने हितों की रक्षा करेगा : पीयूष गोयल

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नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले घोषित किए गए टैरिफ बढ़ोतरी को रद्द करने के बाद बदली हुई स्थिति को देखते हुए, यदि आवश्यक हुआ तो भारत अपने हितों की रक्षा के लिए अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते में फिर से संतुलन लाने का प्रयास करेगा।
गोयल ने एक मीडिया इवेंट ने कहा, "अमेरिकी टैरिफ को लेकर बदलती स्थिति को देखते हुए, हम स्थिति पर नजर रखेंगे और भारत के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे।"
"हालात लगातार बदल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने कुछ बयान दिए हैं; उनके पास अन्य उपाय भी हैं जिनका वे इस्तेमाल कर सकते हैं। अगले हफ्ते वे टैरिफ बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर सकते हैं। साथ ही अन्य कई तरह की बातचीत चल रही है। मैंने कहा था कि अगर हालात बदलते हैं, तो समझौते में फिर से संतुलन स्थापित किया जाएगा।"
केंद्रीय मंत्री ने बताया, "भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में कहा गया है कि अगर हालात बदलते हैं, तो समझौते में फिर से संतुलन स्थापित किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि बदलती परिस्थितियों के बीच अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ता जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणाओं का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, "ट्रंप प्रशासन इस बदलती स्थिति में कई उपायों का इस्तेमाल कर सकता है; उनमें से एक 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का कदम है।"
गोयल अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के परिणाम को लेकर आशावादी थे। उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ हुए समझौते में कई सकारात्मक पहलू हैं; देखते हैं आगे क्या होता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के बारे में होता है।"
उन्होंने दोहराया कि प्रस्तावित व्यवस्था में संवेदनशील डेयरी और कृषि क्षेत्रों को संरक्षित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का निर्यात इस वर्ष बढ़ने की संभावना है।
भारत और वाशिंगटन ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर आधिकारिक बैठक को पुनर्निर्धारित करने का निर्णय लिया है, ताकि दोनों पक्ष ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए शुल्क वृद्धि को रद्द करने वाले अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के प्रभावों पर विचार कर सकें।
दोनों देशों के मुख्य व्यापार वार्ताकारों के नेतृत्व वाली टीमों के बीच तीन दिवसीय बैठक पहले 23 फरवरी को अमेरिका में होनी थी। बैठक के लिए एक नई तारीख तय की जाएगी, जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक हो।
