रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम भक्त ने सिर पर रामचरितमानस रखकर शुरू की बागेश्वर धाम की पैदल यात्रा

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पलेरा,सोनू विश्वकर्मा। पलेरा के टकटोली गांव के निवासी 55 वर्षीय अहमद खान इन दिनों एक अनोखी और प्रेरणादायक यात्रा पर निकले हैं। इस्लाम के पवित्र महीने रमजान के दौरान उन्होंने अपने सिर पर श्री रामचरितमानस की प्रति रखकर नंगे पैर बागेश्वर धाम की ओर पैदल यात्रा शुरू की है। उनके साथ करीब 200 लोगों का जत्था है, जिसमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। यह काफिला रोजाना लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करता है और रात्रि विश्राम के बाद अगली सुबह फिर चल पड़ता है।
शुक्रवार को जब यह जत्था टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर पहुंचा, तो स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया। लोग उत्साह से उनका अभिनंदन कर रहे हैं और यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। अहमद खान भगवा चोला पहने हुए हैं और मुंह में राम का नाम जपते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
अहमद खान ने बताया कि उन्हें यह सपना करीब 40 साल पहले आया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। वे बागेश्वर धाम पहुंचकर रामचरितमानस की पूजा-पाठ करेंगे। यात्रा पूरी होने के बाद वे अपना नाम बदलकर साईं राम रखेंगे। इसके अलावा, ग्रामीणों की सहायता से वे अपने गांव में राधा-कृष्ण भगवान का मंदिर बनवाकर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। उनका कहना है कि उन्हें रामचरितमानस और कुरान दोनों से गहरा लगाव है, लेकिन अब वे सनातन धर्म में पूरी तरह लौटना चाहते हैं और केवल भगवान राधा-कृष्ण की भक्ति करेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस्लाम धर्म के मानने वाले इसका विरोध करेंगे, तो अहमद खान ने विश्वास जताया कि ऐसा कोई विरोध नहीं होगा, क्योंकि वे एक पवित्र और सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। पूरी यात्रा लगभग 90 किलोमीटर की है, जो नंगे पैर पूरी की जा रही है। यह घटना सामाजिक सद्भाव और आस्था की मिसाल पेश कर रही है, जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं।
