Sunday, March 8, 2026

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मध्य प्रदेशसागरस्वस्थ नारी, सशक्त समाज: आईएमए सागर ने मनाया महिला दिवस, विशेषज्ञों ने दिए सेहत और अधिकारों के मंत्र

स्वस्थ नारी, सशक्त समाज: आईएमए सागर ने मनाया महिला दिवस, विशेषज्ञों ने दिए सेहत और अधिकारों के मंत्र

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8 मार्च 2026, 07:30 am IST
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सागर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा और गर्ल्स डिग्री कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज परिसर में संगोष्ठी और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
आईएमए द्वारा आगामी 18 और 19 अप्रैल को महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण विषय पर एक बड़े सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसके कार्यक्रम का शुभारंभ आज से ही किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. तल्हा साद ने बताया कि भारत में लगभग 50 से 60 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से ग्रस्त हैं। एनीमिया के कारण थकान, कमजोरी और पढ़ाई में बाधा जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसका मुख्य कारण शरीर में आयरन और फोलिक एसिड की कमी है, जो मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव से और बढ़ जाती है।


उन्होंने बताया कि एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़, फल और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। गुड़ प्राकृतिक आयरन का अच्छा स्रोत है और इसे रोजाना आहार में शामिल करने से आयरन की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार के ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के तहत साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड की गोली का सेवन, नियमित स्वास्थ्य जांच और कीड़े की दवा लेना भी आवश्यक बताया गया।


डॉ. तल्हा साद ने मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, दर्द और अनियमित चक्र पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और सेनेटरी पैड को हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई और सही जानकारी बेहद जरूरी है।


उन्होंने युवा लड़कियों में बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों जैसे चिंता और अवसाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक दबाव, शारीरिक बदलाव, सोशल मीडिया और लिंग भेदभाव के कारण मानसिक तनाव बढ़ रहा है, जिससे आत्महत्या का खतरा भी बढ़ सकता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जीवन कौशल शिक्षा, परामर्श और परिवार व शिक्षकों का सहयोग आवश्यक है।

कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. प्रहलाद सिंह, अन्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


हर वर्ष 8 मार्च को विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। वर्ष 2026 में यह दिवस महिलाओं के अधिकार, न्याय और समावेशी समाज के निर्माण के संकल्प के साथ मनाया गया।

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