छतरपुर, रोहित पाठक। समूची दुनिया में सनातन का ध्वज फहराने वाले बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लोगों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं. महाराज श्री इन दिनों बद्रीनाथ पावन धाम में साधना में लीन हैं।साधना इसलिए कर रहे हैं ताकि और शक्ति श्रजित कर लोगों की दैनिक, दैविक, भौतिक समस्याओं का निराकरण करने में समर्थ हो सके। बागेश्वर धाम सरकार की साधना निर्विघ्न एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो इसी मंगलकामना के साथ देश-विदेश के शिष्य मंडलों ने एक साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस विशेष आयोजन में भारत सहित नेपाल और अमेरिका के शिष्य मंडलों ने भी सहभागिता निभाई। जिला मुख्यालय में यह कार्यक्रम फिरंगी पछाड़ श्री हनुमान मंदिर में रखा गया। अनुष्ठान के बाद भंडारा भी हुआ।


बागेश्वर धाम के सचिव राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि बागेश्वर धाम शिष्य मंडलों की ओर से देश भर में सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया है। छतरपुर शिष्य मंडल के प्रभारी राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि देश के 139 जिलों में सक्रिय शिष्य मंडलों ने मंगलवार को पूर्व निर्धारित समय रात सवा 8 बजे से सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर महाराज श्री की साधना की सफलता और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में दीप प्रज्वलित कर भक्ति भाव से पाठ किया। पूर्व में पांच-पांच पाठ करने थे लेकिन उत्साह में कई जगह 7, 9 और 15 पाठ किए जाने की सूचना है।


बागेश्वर धाम के सेवादार पवन मिश्रा ने बताया कि पूर्व में 11हजार पाठ का संकल्प था लेकिन सामाजिक संगठनों और शिष्य मंडलों के जुड़ने की संख्या 200 पहुंच गई। इसके अलावा बागेश्वर धाम सरकार यूट्यूब चैनल के माध्यम से डेढ़ हजार से अधिक स्थानों के लोग लाइव जुड़े और उनके द्वारा भी पाठ किया गया इसलिए यह संख्या 1 लाख से भी ऊपर पहुंचने का अनुमान है। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े श्रद्धालुओं ने घरों, मंदिरों और सामूहिक स्थलों पर बैठकर हनुमान जी का स्मरण किया और साधना की निर्विघ्न पूर्णता की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना है कि सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की एकता और आस्था का अद्भुत उदाहरण है।देश-विदेश में बसे भक्तों ने एक सुर में प्रभु श्री हनुमान से प्रार्थना की कि महाराज श्री की साधना पूर्ण सिद्धि के साथ संपन्न हो तथा समस्त विश्व में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।