मऊसानिया में भव्य हिंदू सम्मेलन सम्पन्न, हिंदू एकता और राष्ट्र निर्माण पर जोर

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छतरपुर। मऊसानिया स्थित महाराजा छत्रसाल शौर्य पीठ के खेल मैदान में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के संयोजक अश्वनी रिछारिया ने बताया कि इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) महाकौशल प्रांत जबलपुर के प्रांत प्रचार प्रमुख विनोद दिनेश्वर (विनोद महेश्वर) ने मुख्य उद्बोधन दिया। मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात से प्रसिद्ध कथावाचक संत नवल दास महाराज, सागर से पंडित धर्मेंद्र मिश्रा तथा समाजसेवी संध्या दुबे जी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
मुख्य वक्ता विनोद महेश्वर ने अपने उद्बोधन में महर्षि अरविंद के उद्धरण का स्मरण करते हुए कहा कि जिस देश के लोगों और संतों के मन में अतीत का गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपने होते हैं, वही देश स्वर्णिम काल रचता है। भारत कभी सोने की चिडिय़ा था, जिस पर अनेक आक्रांताओं की नजर रही। इस धरा पर महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज और बुंदेलखंड के वीर महाराजा छत्रसाल ने शौर्य से मुगलों को परास्त किया। ग्रीक, हूण, शक, यवन जैसे आक्रमणकारी भी सनातन हिंदू धर्म के आगे पराजित हुए।
1947 में स्वतंत्रता के बाद भी मूल समाज जागृत नहीं हुआ तो विश्व गुरु नहीं बन सकता। 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने हिंदुओं को संगठित करने के लिए आरएसएस की स्थापना की। अब हम संघ की शताब्दी वर्ष पूर्ण कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने नारी सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वही हिंदू और भारत है। नारी शक्ति को बचाना सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। परिवार व्यवस्था पर षड्यंत्र चल रहा है, हम दो हमारे दो जैसी सोच को त्यागकर बड़े परिवार की परंपरा बचानी होगी। मोबाइल एक दिन बंद कर परिवार के साथ भोजन, विचार-विमर्श करें। स्वदेशी, जल संरक्षण, जैविक कृषि जैसे प्रयास अपनाकर भारत को परम वैभव पर स्थापित करना होगा।
गुजरात से पधारे संत नवल किशोर महाराज ने कहा कि हमारा जन्म केवल खाने-पीने के लिए नहीं, बल्कि हिंदू धर्म बढ़ाने के लिए हुआ है। राष्ट्र और धर्म सुरक्षित रहेंगे तो हम सुरक्षित रहेंगे। हिंदू एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। कोई क्षत्रिय-ब्राह्मण नहीं, सब हिंदू हैं। शास्त्रों में कोई जाति नहीं बनाई गई। आरक्षण नहीं, धर्म रक्षा और हिंदू एकता चाहिए। बच्चों को एक हाथ में पुस्तक और दूसरे में शस्त्र होना चाहिए। शास्त्र और शस्त्र दोनों आवश्यक हैं।
सागर से आए आचार्य धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि हिंदू भाई एक होकर रहें, तब कोई उंगली नहीं उठा सकेगा। धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। हम सब मनु-शतरूपा की संतान हैं। आरएसएस हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प लिए हुए है।
मातृशक्ति संध्या दुबे ने कहा कि हम सब एक धागे में बंधे हैं। धरती माता ने एकता सिखाई है। आरएसएस ने भारत को गतिशीलता दी। माता-पिता आदर्श हिंदू परिवार बनाएं, बच्चों को धार्मिक ग्रंथ पढऩे, सुबह उठने, पर्यावरण संरक्षण, साफ-सफाई की प्रेरणा दें।
