इंदौर, रविकांत वर्मा। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए युवती को ब्लैकमेल कर उससे करीब चार से साढ़े चार लाख रुपए वसूल लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार युवती ने गूगल प्ले स्टोर से "क्रेडिट लीफ" नाम का एक लोन ऐप डाउनलोड कर करीब 40 हजार रुपए का अल्पकालीन ऋण लिया था। लोन आवेदन के दौरान ऐप को मोबाइल की विभिन्न परमिशन देने के बाद साइबर ठगों ने उसका निजी डेटा, फोटो, वीडियो और मोबाइल कॉन्टेक्ट्स तक पहुंच हासिल कर ली।
लोन की अवधि पूरी होने के बाद ठगों ने युवती को फोन कर अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके निजी फोटो और वीडियो का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों एवं परिचितों को आपत्तिजनक सामग्री भेजने की धमकी दी। इतना ही नहीं, कई लोगों को संपादित अश्लील तस्वीरें भेजकर युवती को सामाजिक रूप से बदनाम करने का प्रयास भी किया गया।
बदनामी और मानसिक दबाव के चलते पीड़िता लगातार ठगों को पैसे भेजती रही। इस दौरान उससे करीब चार से साढ़े चार लाख रुपए तक की राशि वसूल ली गई। लगातार बढ़ती मांग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः युवती ने पुलिस की शरण ली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप के माध्यम से डेटा चोरी और ब्लैकमेलिंग का प्रतीत हो रहा है। साइबर टीम मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और मोबाइल की अनावश्यक परमिशन देने से बचें।
यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन लोन ऐप्स के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां आसान और त्वरित ऋण के लालच में लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर आर्थिक और मानसिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।

