छतरपुर(सुबोध त्रिपाठी)। जिले के बरेठी स्थित एनटीपीसी सोलर प्लांट पर आज सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने प्लांट परिसर पहुंचकर निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करा दिया और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों का मुख्य आरोप है कि एनटीपीसी अधिकारियों ने उनके प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिया है तथा गांवों की आवाजाही के पुराने रास्तों को भी बंद कर दिया गया है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।


किसानों ने बताया कि करीब 12 साल पहले जब भूमि अधिग्रहण किया गया था, तब एनटीपीसी अधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, अच्छी सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित कई विकास कार्यों के वादे किए थे। लेकिन आज तक इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजे की राशि में भी गड़बड़ी की जा रही है और विरोध करने पर पुलिस का डर दिखाया जा रहा है।


किसानों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं और हक नहीं मिल जाता, तब तक प्लांट में कोई काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को शांत कराने की कोशिश की और समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।