श्योपुर,उत्तम मीणा। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। गुरुवार को किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा को ज्ञापन सौंपा और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


किसानों ने बताया कि स्लॉट बुकिंग में हो रही देरी के कारण कई दिनों से उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है और विशेष रूप से 10 बीघा से अधिक भूमि वाले किसानों के स्लॉट अब तक लंबित हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं और मंडियों में परेशान हो रहे हैं।


ज्ञापन में व्यापारियों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण का भी गंभीर मुद्दा उठाया गया। किसानों का कहना है कि मंडियों में धर्म कांटे पर प्रति क्विंटल करीब 700 ग्राम तक की अवैध कटौती की जा रही है। इसके अलावा सैंपल के नाम पर 3 से 4 किलो गेहूं लिया जा रहा है, जिसे वापस नहीं किया जाता। कई बार गेहूं को नमी या चमक की कमी जैसे कारणों का हवाला देकर अनुचित रूप से रिजेक्ट कर दिया जाता है।


किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी गेहूं पास करने के नाम पर रिश्वत मांग रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। कई खरीदी केंद्रों पर लेबर और बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।


इसके साथ ही सेटेलाइट मैपिंग में त्रुटियों के कारण कई किसानों की फसल का रिकॉर्ड गलत दर्ज हो रहा है, जिससे खरीदी में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, लंबित स्लॉट तुरंत बुक किए जाएं, अवैध कटौती और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा सैंपल के नाम पर लिए गए गेहूं का भुगतान किया जाए या उसे वापस किया जाए।


कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं की जांच कर जल्द समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, बलराम बगवाड़ा, विष्णु डाबरसा, बालमुकुंद धनखेड़ा, पवन नाइवल सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे।