छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में दबंगई और मारपीट का मामला सामने आया है। गांव के कुछ लोगों पर एक ही परिवार के कई सदस्यों के साथ लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगा है। घटना में महिला सहित कई लोग घायल हुए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने और थाने से भगा देने का आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों ने छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी रवि पाल, रामनाथ पाल और उनके साथियों पर पटेल समाज के परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। इस हमले में गुड्डी पटेल (38), आशीष पटेल (16), सतीश पटेल (15), ग्यासी पटेल (39), जानकी प्रसाद (24), कैलाश पटेल और नीरज पटेल (25) घायल हुए हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के पीछे कुछ लोग जुआ खेल रहे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान रवि पाल शराब के नशे में पानी मांगने के बहाने उनके घर पहुंच गया। आरोप है कि उसने नशे की हालत में घर के अंदर घुसने की कोशिश की, जिसका गुड्डी पटेल ने विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और गाली-गलौज होने लगी।
परिजनों के मुताबिक विवाद बढ़ने पर गुड्डी पटेल के बेटे आशीष और सतीश मौके पर पहुंचे और रवि पाल को वहां से जाने के लिए कहा। इससे नाराज होकर उसने हमला कर दिया और अपने साथियों को बुला लिया। आरोप है कि करीब 10 से 15 लोग लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे और पूरे परिवार पर हमला कर दिया।
घटना के बाद घायल पक्ष महाराजपुर थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा, लेकिन उनका आरोप है कि उनसे पहले दूसरे पक्ष के लोग थाने पहुंच गए और पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज कर ली। जब पीड़ितों ने अपनी शिकायत दर्ज कराने की बात कही तो पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने के मुंशी ने उन्हें टीआई से मिलने के लिए कहा, लेकिन टीआई ने मिलने से इनकार कर दिया और उन्हें थाने से भगा दिया। इतना ही नहीं, पीड़ितों का आरोप है कि थाने की सीढ़ियों पर ही उन्हें गांव लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज करीब दो दर्जन महिला, पुरुष और बच्चे ट्रैक्टर से छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचे और गेट पर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली टीआई सतीश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी एसपी से मुलाकात और कार्रवाई के आश्वासन तक हटने को तैयार नहीं हुए।

