उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हमारे संस्कारों में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा निरंतर नवाचार कर रहे हैं। राज्य सरकार जीवन की मूलभूल समस्याओं का समाधान करने के साथ सभी प्रकार के नवाचारों को भी प्रोत्साहित कर रही है। भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों भी लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के दम पर हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी और फिर नंबर-1 अर्थव्यवस्था बनकर रहेंगे।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर दुनिया को बदल सकती है। स्वामी विवेकानंद ऐसे संत थे, जिन्होंने युवा शक्ति को पहचाना और उन्हें राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया। बाल्यकाल में मिलने वाली हार-जीत से हमें भविष्य की सीख मिलती है। राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की शुरुआत की है। नए विचारों के साथ स्टार्ट-अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार हर वक्त नए स्टार्ट-अप और नए आइडियाज के साथ खड़ी है। प्रदेश में कृषि, उद्यमिता, नगरीय निकायों में नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अब नवाचारों और अवसरों का प्रदेश बन चुका है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा थे। आज जेन-जी और जेन-अल्फा की दुनिया के युवा स्टार्ट-अप स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पहली बार 16 जनवरी 2016 को भारत में स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया की शुरुआत की। अब राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि स्टार्ट-अप की सभी समस्याएं इनमें समाहित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जाने के साथ कंपनी स्थापना में भी सहयोग प्रदान किया जाता है। प्रदेश में अब एक दिन में कोई कंपनी शुरू हो सकती है, जबकि जर्मनी जैसे विकसित देश में इसके लिए 22 दिन लगते हैं। देश के युवाओं की कल्पना को आकार देने का काम स्टार्ट-अप ने किया है। युवाओं के सपनों को नए पंख लग गए हैं और वे जॉब क्रिएटर बन चुके हैं। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है। स्टार्ट-अप ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊड़ान दी है। हमारी समस्याओं को हमारे बीच के नवाचारी उद्यमी ही समझ सकते हैं। युवा उद्यमी समाज की समास्याओं को पहचानें और स्टार्ट-अप के माध्यम से उन्हें सॉल्व करें। तकनीक से स्वयं को हमेशा अपडेट रखें। असफलता से कभी न डरें। राज्य सरकार युवाओं के साथ नवाचारी आइडियाज पर काम करने के लिए हमेशा तैयार है।
प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। यहां 1.59 लाख से अधिक डीपीआईआईटी स्टार्ट-अप रजिस्टर्ड हैं। साथ ही 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, जिनका एक बिलियन डॉलर से अधिक का टर्नओवर है। युवाओं को 16 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से 3100 से अधिक स्टार्ट-अप को महिलाएं लीड कर रही है। राज्य सरकार ने पिछले साल नई स्टार्ट-अप नीति लागू की है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेक्टर में लीडर स्टेट है। राज्य सरकार नवाचारी सोच के साथ स्टार्ट-अप की संख्या 10 हजार तक पहुंचाना चाहती हैं। स्टार्ट-अप को फंड्स का ग्रांट और इंसेंटिव सब्सिडी दी जा रही है। मध्यप्रदेश में संचालित 47 प्रतिशत स्टार्ट-अप का नेतृत्व महिलाओं के हाथों में है। हमारी महिलाएं भी अच्छी उद्यमी बन सकती हैं। प्रदेश के युवा आज नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमी बन रहे हैं। स्टार्ट-अप को इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से सपोर्ट प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के साथ बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के प्रति भी जागरुक किया जा रहा है।
"इंश्योरेंस देखो" स्टार्ट-अप के फाउंडर एंड सीईओ युवा उद्यमी श्री अंकित अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान युवा उद्यमी देश की सभी समस्याओं को दूर करने पर ध्यान देता है। युवा उद्यमी आइडिया लेकर आएंगे, तो केंद्र और राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना युवाओं को आगे बढ़ने की राह दिखाती है।
आविष्कार ग्रुप स्टार्ट-अप के फाउंडर श्री विनीत राय ने कहा कि वे आईआईएफएम से पढ़ाई करने के बाद 30 साल बाद भोपाल लौटे हैं। उन्होंने बताया कि 5000 रुपए से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। उद्यम क्षेत्र में सफलता-असफलता मिलती ही रहती है। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि सिर्फ पैसा बनाने के बारे में ही नहीं सोचना है, बल्कि अपने जीवन मूल्यों को भी हमेशा साथ रखना है। यही सफलता की कुंजी है।
स्टार्ट-अप समिट में आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार, सुश्री अंजु गुप्ता, श्री अनुराग असाटी, श्री आदित्य चौरसिया, डॉ. मयूर सेठी, श्री महावीर प्रताप शर्मा, श्री खुशवंत जैन, श्री प्रदीप करमबेलकर, सुश्री अर्चना जहांगीरदार सहित बड़ी संख्या में युवा उद्यमी उपस्थित थे।
