नौगांव, कमल यादव। छतरपुर जिले के नौगांव शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था बदहाल होती नजर आ रही है। नगर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हैं और नालियां जाम पड़ी हुई हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। नगर पालिका की उदासीनता से नाराज होकर अब स्थानीय युवाओं ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई अभियान शुरू कर दिया है।


जानकारी के अनुसार नौगांव शहर के कई चौराहों और सड़कों पर कचरा बिखरा पड़ा है, वहीं नालियां चोक होने से गंदगी फैल रही है। स्थानीय नागरिक प्रभात टेलर का कहना है कि नगर में जगह-जगह नालियां जाम हैं और कचरे के ढेर लगे हैं, लेकिन नगर पालिका में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बताया जा रहा है कि नगर पालिका में एक सैकड़ा से अधिक सफाईकर्मी होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं है। आरोप है कि कई सफाईकर्मी पार्षदों के यहां निजी कामों में लगे रहते हैं, जिसके कारण नगर की सफाई प्रभावित हो रही है।


नगर पालिका की लापरवाही से नाराज होकर वार्ड क्रमांक-1 के निवासी डॉ. इम्तियाज खान, डॉ. नासिर खान, पूर्व पार्षद कलीम खान, रामेश्वर और शिवम सहित करीब एक दर्जन युवाओं ने खुद सफाई अभियान शुरू कर दिया। सोमवार सुबह नौगांव थाना परिसर से युवाओं ने झाड़ू लगाकर नगरवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया।


रमजान के पवित्र महीने में भी रोजा रखकर डॉ. नासिर खान अपनी टीम के साथ रोजाना नगर में सफाई करने निकल रहे हैं। वे अपने निजी खर्च से झाड़ू और अन्य सफाई सामग्री खरीदकर यह अभियान चला रहे हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता के लिए नगरीय प्रशासन को भारी बजट दिया जाता है, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। सूत्रों का यह भी कहना है कि नगर पालिका में कुछ एनजीओ सफाई के नाम पर केवल फोटो सेशन कर बजट खर्च दिखा रहे हैं, जबकि वास्तविक सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।


गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 में नौगांव संभाग में सफाई के मामले में दूसरे स्थान पर रहा था, लेकिन पिछले चार वर्षों में यहां की सफाई व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।


कलीम खान का कहना है कि आजादी के बाद जब नौगांव मध्यप्रदेश की राजधानी रहा, तब यहां की सड़कें रोज पानी से धुलती थीं, लेकिन आज नगर सफाई के मामले में बदहाल हो गया है।


डॉ. नासिर खान पिछले चार महीनों से वार्ड क्रमांक-1 से सफाई अभियान चला रहे हैं और अब पूरे नगर में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन प्रशासन अपनी जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रखे हुए है।