छतरपुर/नौगांव, कमल यादव। वार्ड क्रमांक 4, छतरपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी कॉलोनी के रहवासियों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक को आवेदन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है। रहवासियों का आरोप है कि करीब 15 वर्ष पहले कॉलोनी विकसित करते समय कॉलोनाइजर ने पक्की सड़क, नाली, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पार्क, मैरिज हाउस, आकर्षक प्रवेश द्वार सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश वादे अधूरे हैं।
रहवासियों के अनुसार सिल्वर सिटी कॉलोनी का विकास करीब 15 वर्ष पहले कॉलोनाइजर अशोक अहिरवार द्वारा किया गया था। वर्तमान में यहां 200 से अधिक परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। प्लाटिंग के दौरान लोगों को बेहतर कॉलोनी और विभिन्न सुविधाओं का सपना दिखाकर प्लाट बेचे गए थे। रहवासियों का कहना है कि कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्लाट खरीदे और मकान बनाए, लेकिन कॉलोनी विकसित होने के बाद भी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
सड़क, नाली और पेयजल की समस्या
रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं। नालियों का पर्याप्त निर्माण नहीं होने से पानी की निकासी की समस्या बनी रहती है। पेयजल और विद्युत व्यवस्था को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब रास्तों के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी दिक्कत होती है।
उनके मुताबिक कॉलोनी बसाते समय मुख्य प्रवेश द्वार, करीब 30 फीट चौड़ी मुख्य सड़क, अंदर 25 फीट चौड़ी सड़कें, प्रत्येक प्लाट के सामने पेड़ और ट्री गार्ड, चौराहों पर पुलिया, जल निकासी के लिए नालियां, मंदिर, पार्क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। रहवासियों का कहना है कि मकान तो बन गए, लेकिन कॉलोनी को लेकर दिखाए गए कई सपने आज भी पूरे नहीं हुए।
कलेक्टर और विधायक को सौंपा आवेदन
गुरुवार को जन विश्वास कार्यक्रम में छतरपुर कलेक्टर के पहुंचने पर सिल्वर सिटी के रहवासियों ने उनसे मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया और आवेदन सौंपा। इसके बाद शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह को भी आवेदन देकर कॉलोनी के विकास और मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।
रहवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से भी कॉलोनी के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं, कॉलोनाइजर की ओर से भी लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने प्रशासन से कॉलोनी की स्थिति की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सुविधाओं के अभाव में कुछ परिवार हुए विस्थापित
रहवासियों के अनुसार लंबे समय से सुविधाओं के अभाव के कारण कुछ परिवार अपने मकान छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने अपने मकान बिकाऊ कर दिए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण रहवासियों में निराशा बढ़ती जा रही है।
रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवार भी निवास करते हैं। उनके अनुसार कॉलोनी बसाते समय इन वर्गों के कर्मचारियों सहित अन्य लोगों के बीच अभियान चलाकर प्लाट दिए गए थे। अब यही परिवार मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों से परेशान हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
सिल्वर सिटी के रहवासियों का कहना है कि वे पहले भी एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी वजह से अब उन्होंने कलेक्टर और विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है।
रहवासियों ने प्रशासन से कॉलोनी में किए गए वादों और वर्तमान स्थिति की जांच कराने, सड़क, नाली, पेयजल और विद्युत सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि 15 वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य चाहिए।














