पन्ना। जिले में सनसनीखेज डबल मर्डर और हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी चरन सिंह और उसके पुत्र शुभम सिंह को दोषी करार दिया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना श्री सुरेंद्र मेश्राम की अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 के साथ ही आयुध अधिनियम की धारा 25/27 के तहत दोषी माना है। अब इस मामले में सजा के निर्धारण को लेकर सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को की जाएगी।
जिला अभियोजन कार्यालय पन्ना से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 27 मई 2023 को देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गोल्डी मुड़िया में हुई थी। गांव निवासी नरेंद्र के पुत्र अभिराज के जन्मदिन के मौके पर परिवार के लोग घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान पारिवारिक जमीन विवाद और जन्मदिन में आमंत्रण न मिलने की रंजिश के चलते चरन सिंह अपने बेटे शुभम सिंह के साथ मौके पर पहुंचा और दोनों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस अंधाधुंध फायरिंग में नरेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आई उनकी मां फूलाबाई को भी गोली मार दी गई, जिससे वह घायल हो गईं। घटना के बाद पुलिस ने देवेन्द्रनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे शासन द्वारा जघन्य और सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने साक्ष्यों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे अदालत ने दोनों आरोपियों के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित माना।
अब इस बहुचर्चित मामले में सबकी नजर 27 अप्रैल को होने वाली सजा की सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को किस प्रकार की सजा दी जाएगी।

