मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मंदसौर सहित मालवा क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए सफेमा कोर्ट मुंबई ने बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में चार तस्करों की करीब 22 करोड़ 8 लाख रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अब तक जिले में तस्करों की कुल लगभग 450 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर फ्रीजिंग आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी मामले में संपत्ति राजसात नहीं की गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते कई वर्षों से मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय तस्करों ने अवैध कारोबार के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की है। इन तस्करों द्वारा संपत्तियां स्वयं या अपने परिजनों के नाम पर खरीदी गईं। हालांकि समय-समय पर इन पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी।
मंदसौर पुलिस ने पिछले करीब 9 वर्षों में ऐसे 150 से अधिक तस्करों की पहचान कर उनकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया है। इसके आधार पर सफेमा एक्ट के तहत प्रस्ताव भेजे गए, जिन पर मुंबई स्थित कोर्ट ने फ्रीजिंग के आदेश जारी किए।
एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस बेनामी संपत्तियों की जांच कर संबंधित दस्तावेजों के साथ कोर्ट में प्रस्ताव भेजती है। कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को 45 दिन का समय अपील के लिए दिया जाता है, जिसमें उसे अपनी संपत्ति के वैध स्रोत का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है।
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्तियों को राजसात करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही प्रदेश में पहली बार मंदसौर जिले में सफेमा एक्ट के तहत संपत्ति राजसात करने की कार्रवाई भी शुरू हो सकती है।

