छतरपुर के आयुष ने छत्तीसगढ़ में गाड़ा सफलता का झंडा, सिविल जज परीक्षा में पुरुष वर्ग में बने 'टॉपर'

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छतरपुर, विनोद मिश्रा। शहर के एक मध्यमवर्गीय परिवार के लाडले ने अपनी मेहनत और मेधा से इतिहास रच दिया है। आयुष चौरसिया ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सिविल जज परीक्षा 2024-25 में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। आयुष ने न केवल इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान (First Rank) और ओवरऑल सूची में तीसरी रैंक (Third Rank) प्राप्त कर छतरपुर का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
इंटरव्यू के कुछ घंटों बाद ही मिली 'बड़ी खबर'
आयुष की यह सफलता किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 19 फरवरी को वे रायपुर में इंटरव्यू बोर्ड के सामने पेश हुए थे। साक्षात्कार खत्म होने के बाद देर रात जैसे ही परिणाम घोषित हुए, आयुष का नाम टॉपर्स की लिस्ट में चमक रहा था। खबर मिलते ही छतरपुर स्थित उनके निवास पर जश्न का माहौल हो गया और शुभचिंतकों का तांता लग गया।
शिक्षक माता-पिता का सपना किया साकार
आयुष की सफलता के पीछे एक शिक्षित और अनुशासित परिवेश का बड़ा हाथ है। उनके पिता हरगोविंद चौरसिया 'ललन जू की पुरवा' स्कूल में शिक्षक हैं, वहीं माता गायत्री चौरसिया भी 'बडेरा पुरवा' गांव में शिक्षिका के रूप में बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। आयुष की बड़ी बहन डॉ. आयुषी चौरसिया (MBBS) भी चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। परिवार ने भावुक होते हुए कहा, "आयुष की मेहनत रंग लाई, चयन की खबर मिलते ही आंखों में खुशी के आंसू थे।"
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ सफर
आयुष ने अपनी एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (DNLU) से पूरी की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अध्ययन, कठिन परिश्रम और माता-पिता के संस्कारों को दिया है। आयुष की इस उपलब्धि ने छतरपुर के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।


