बुंदेलखंड की धरा पर लोक संस्कृति का उत्सव: सकोर में जगनिक महोत्सव का भव्य आगाज़

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हटा,जिमी नगरिया। ऐतिहासिक महत्व के लिए पहचाने जाने वाले सकोर गांव में तीन दिवसीय जगनिक महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ संत समागम के बीच हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती पूजन के साथ की गई।
शुभारंभ अवसर पर अजब धाम छोटे सरकार जी, विपिन बिहारी जी महाराज, गजेंद्रपुरी जी महाराज, आचार्य दीपक उपाध्याय, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्याम सुंदर दुबे एवं आयोजन संरक्षक डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विशेष रूप से मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन दमोह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन महाकवि जगनिक तथा बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा ऊदल के इतिहास और वीरगाथाओं का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया।
मंच से साहित्यकारों और इतिहासविदों ने महाकवि जगनिक की जन्मभूमि सकोर गांव, आल्हा-ऊदल द्वारा सकोर में प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा महान शासक समुद्रगुप्त द्वारा सकोर में शिवजी मठ के निर्माण जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। वक्ताओं ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने हेतु जगनिक महोत्सव के आयोजन की सराहना की।
