नगर निगम अध्यक्ष के नेतृत्व में झाड़ू-फावड़ा आंदोलन...!

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छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। छिंदवाड़ा नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण अधिकांश सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसका सीधा असर शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। सड़कों, गलियों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराने के विरोध में नगर निगम अध्यक्ष सोनू मांगों के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं नेताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। झाड़ू और फावड़ा हाथ में लेकर सड़कों पर उतरे जनप्रतिनिधियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक आंदोलन कर रोष जताया।
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली-पानी के बिल और बैंक की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नगर निगम अध्यक्ष सोनू मांगों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए शासन पर जिम्मेदारी डाल रहा है। निगम का तर्क है कि शासन से चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि समय पर नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों का भुगतान रुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में टैक्स बढ़ाए गए हैं, तो जनता को साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। यदि शीघ्र ही सफाई कर्मचारियों का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
शहर में फैलती गंदगी अब बीमारियों को न्योता दे रही है, लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है। सवाल यही है कि आखिर नगर निगम कब जागेगा?
