भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने कुल 19 हजार 810 करोड़ रुपये के लोक कल्याणकारी कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। बैठक के बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।
सिंचाई और कृषि क्षेत्र को मिली नई गति
कैबिनेट ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात देते हुए सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना से क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन' (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और तकनीकी विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा पर 2600 करोड़ से अधिक का निवेश
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं:
नए मेडिकल कॉलेज: प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
भोपाल गैस त्रासदी राहत: गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए 1005 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है।
महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन: 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'वन स्टॉप सेंटर' और 'महिला हेल्पलाइन-181' के निरंतर संचालन के लिए 240.42 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। साथ ही प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने को भी हरी झंडी दी गई है।
बुनियादी ढांचा और ग्रामीण विकास पर फोकस
लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से प्रदेशभर में सड़कों और पुलों के जाल बिछाने के लिए सर्वाधिक 10,801 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए 3553.35 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए पीएम मोदी का आभार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कैबिनेट सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण) को लागू करने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की। कैबिनेट ने 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश का सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम बताया गया।
निष्कर्ष: आज के ये फैसले स्पष्ट करते हैं कि डॉ. मोहन यादव सरकार का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर है। स्वीकृत की गई भारी-भरकम राशि से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।



