छतरपुर। जिले में जारी रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में मची अफरा-तफरी का मामला अब कलेक्टर की जनसुनवाई तक पहुँच गया है। मंगलवार को अधिवक्ता रवि पांडे ने जिला प्रशासन को एक तीखा ज्ञापन सौंपते हुए गैस एजेंसी संचालकों और प्रशासन के बीच कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।


अधिवक्ता रवि पांडे ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि नियमानुसार गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुँचाना चाहिए, जिसका डिलीवरी शुल्क ग्राहकों से पहले ही वसूला जाता है। लेकिन हकीकत में उपभोक्ताओं को घंटों अपने काम छोड़कर गैस गोदामों पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलेंडर उठा रहा है, तो एजेंसी संचालक लाखों रुपये का 'डिलीवरी चार्ज' क्यों डकार रहे हैं? अधिवक्ता श्री पांडे ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि प्रशासन केवल झूठे दावे कर रहा है और हकीकत में कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने पूछा कि कतारों में केवल आम गरीब आदमी, बुजुर्ग और महिलाएं ही क्यों दिख रहे हैं? किसी नेता या रसूखदार कर्मचारी को इन लाइनों में क्यों नहीं लगना पड़ रहा? उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक प्रशासन के संरक्षण में मनमानी कर रहे हैं और बुकिंग होने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं दे रहे हैं।