ईरान को लेकर अमेरिका का सख्त रुख

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वॉशिंगटन। ईरान को लेकर अमेरिका का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ वही कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तय करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ाई जा रही है। एक कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद रक्षा मंत्री से ईरान की स्थिति पर टिप्पणी करने को कहा। इस पर हेगसेथ ने कहा कि अगर राष्ट्रपति आदेश देते हैं, तो अमेरिकी सेना तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है।
धमकी के साथ बातचीत का संकेत
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अभी तक ईरान पर सीधे हमले का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि हालात बिगड़ने पर अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। इसी बीच ट्रंप ने यह भी पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई है और आगे भी वार्ता की योजना है।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना के बेहद शक्तिशाली युद्धपोत ईरान की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन जहाजों का इस्तेमाल न करना पड़े तो यह बेहतर होगा, लेकिन अमेरिका हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा तेज किया, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। गौरतलब है कि जून 2025 में इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान के कई परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी बयानों पर ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने कहा कि अगर ट्रंप यह सोचते हैं कि झटपट कार्रवाई के बाद ट्वीट कर यह कह देंगे कि सब खत्म हो गया, तो यह उनकी बड़ी गलतफहमी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इसका जवाब पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध के रूप में दिया जाएगा। ईरान ने साफ किया है कि इजरायल समेत उन सभी जगहों को निशाना बनाया जाएगा, जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
