छतरपुर। जिले की नौगांव तहसील के अंतर्गत ग्राम लुगासी भैरोगंज के किसान मंगलवार को अपनी भूमि से जुड़ी जटिल समस्याओं को लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले जिला उपाध्यक्ष ख्यालीराम पटेल के नेतृत्व में आए किसानों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि गांव के राजस्व अभिलेखों और सरकारी नक्शों में इतनी अधिक त्रुटियां हैं कि धरातल पर उनकी जमीनों की स्थिति और कागजी रिकॉर्ड में जमीन का स्थान मेल नहीं खा रहा है।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया कि गांव में एक ही खसरा नंबर अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है, जबकि पटवारी द्वारा मौके पर भूमि का स्थान कुछ और ही बताया जा रहा है। इस विसंगति के कारण किसान अपनी ही जमीन को लेकर संशय और विवाद की स्थिति में हैं। किसानों की सबसे बड़ी चिंता महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर है। उनका तर्क है कि यदि इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन रिकॉर्ड्स और नक्शों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो मुआवजे के वितरण के समय भारी विवाद की स्थिति निर्मित होगी और कई वास्तविक किसानों को उनके हक से वंचित होना पड़ सकता है।
प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि राजस्व विभाग की विशेष टीम गठित कर जमीनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और सभी तकनीकी व लिपिकीय त्रुटियों को जल्द से जल्द सुधारा जाए। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों का कहना है कि वे अपनी पैतृक भूमि के हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और यदि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



