भिंड. अक्षय जोशी। जिला चिकित्सालय में इलाज में लापरवाही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ के चलते एक युवती का पहले निजी स्तर पर इलाज कराया गया, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गांव पहुंचते ही उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई।


परिजनों के मुताबिक, युवती की घबराहट और सांस की तकलीफ बढ़ने पर उसे दोबारा डॉक्टर की क्लिनिक पर ले जाया गया। वहां से उसे फिर जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई।


युवती की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने डॉक्टर विनीत गुप्ता पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनकी क्लिनिक पर शव रखकर हंगामा किया और मामले में कार्रवाई की मांग की।


मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल युवती की मौत वास्तव में इलाज में लापरवाही के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय वजह थी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।