छतरपुर, संदीप यादव। जिले के भगवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मालपुरा निवासी फूलकुमारी आदिवासी ने आंगनबाड़ी सहायिका पद पर हुई नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया था, जिसमें मेरिट सूची में उनका नाम प्रथम स्थान पर आया था। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।
फूलकुमारी आदिवासी का आरोप है कि उसी गांव की अनीता सौर ने भी इस पद के लिए आवेदन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अनीता द्वारा फर्जी अंकसूची तथा अलग-अलग परिवार आईडी का उपयोग कर अपने पिता के गरीबी रेखा के राशन कार्ड में नाम मर्ज कराया गया, जिससे उन्हें पात्रता में अतिरिक्त 10 अंक का लाभ मिला। इसी आधार पर उनकी नियुक्ति आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कर दी गई।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कलेक्ट्रेट में की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सागर संभाग के आयुक्त (कमिश्नर) को भी शिकायत भेजी थी। शिकायत पर कमिश्नर कार्यालय द्वारा जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है।
फूलकुमारी आदिवासी ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

