नई दिल्ली। पिछले सप्ताह फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई कम होने की घटना के बाद, उड़ान के मुख्य पायलट के मंगलवार को पुष्टि के लिए किए गए ड्रग टेस्ट में मादक पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई है।एयर इंडिया का ए320 विमान 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली के लिए उड़ान संख्या एआई2379 संचालित कर रहा था। उड़ान के दौरान विमान को तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इसकी ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई।

इसके बाद विमान स्थिर हुआ और दिल्ली में सुरक्षित रूप से उतरा। इस घटना में कई यात्री और केबिन क्रू के सदस्य घायल हो गए थे।

एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद हुए पहले टेस्ट के बाद मुख्य पायलट का पुष्टि के लिए दोबारा ड्रग टेस्ट कराया गया, जो कि गैर-नकारात्मक आया है।

यह घटनाक्रम इस मामले की जारी जांच के बीच सामने आया है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इससे पहले जांच पूरी होने तक उड़ान के चालक दल को ड्यूटी रोस्टर से हटा दिया था।

हालांकि, विमानन उद्योग के प्रतिनिधियों ने आगाह किया है कि शुरुआती गैर-नकारात्मक ड्रग स्क्रीनिंग के परिणाम के आधार पर अकेले कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को लेकर नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के साथ बैठक की।

नागर विमानन सचिव के अलावा, नागर विमानन महानिदेशक वीर विक्रम यादव और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के महानिदेशक जी.वी.जी. युगंधर भी बैठक में मौजूद थे।

टाटा संस के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला के साथ-साथ एयर इंडिया के फ्लाइट सेफ्टी प्रमुख दीपक जोशी भी कैंपबेल के साथ बैठक में शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया के ए320 नियो विमान से जुड़ी 4 अगस्त की घटना के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के लिए एयरलाइन के तीन सीनियर अधिकारियों को बुलाया था।

खरोला, जो पहले एक सरकारी अधिकारी रह चुके हैं, अभी टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के एग्जीक्यूटिव एडवाइजर हैं।