इंदौर में MPPSC के खिलाफ फिर आंदोलन, ‘न्याय यात्रा 2.0’ के तहत चार दिनी धरना शुरू

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इंदौर | मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार देर रात से आयोग कार्यालय के बाहर नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के नेतृत्व में चार दिनी धरना शुरू किया गया है। 10 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन को अभ्यर्थियों ने ‘न्याय यात्रा 2.0’ नाम दिया है।कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, धरना स्थल पर पहुंचे हैं। आयोग परिसर के बाहर बिस्तर बिछाकर अभ्यर्थी रात गुजार रहे हैं। अलाव जलाकर ठंड से बचाव किया जा रहा है।
हाईकोर्ट से अनुमति के बाद धरना
NEYU के संयोजक राधे जाट ने बताया कि यह आंदोलन हाईकोर्ट इंदौर से अनुमति मिलने के बाद शुरू किया गया है। अनुच्छेद 19 के तहत शांतिपूर्ण आंदोलन की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी और अन्य छात्र शांतिपूर्वक इस धरने में शामिल हो रहे हैं और चार दिन तक आंदोलन जारी रहेगा।
पिछली मांगें अधूरी, नाराजगी बरकरार
अभ्यर्थियों ने बताया कि दिसंबर 2024 में हुए आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन ने कई मांगें मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन 13 महीने बाद भी अधिकांश मांगें पूरी नहीं हुईं। उस समय जिन 6–7 मांगों को मानने की बात कही गई थी, उनमें से केवल दो ही लागू हो सकीं। भर्ती पदों की संख्या बढ़ाने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है।
अब तक लागू फैसलों में—
कुछ परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग लागू की गई।
इंटरव्यू में पहचान उजागर न हो, इसके लिए सरनेम हटाने का निर्णय लिया गया।
सबसे बड़ी मांग: इंटरव्यू अंकों में कटौती
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग स्टेट सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू अंकों को लेकर है। उनका कहना है कि वर्तमान में 185 अंकों का इंटरव्यू अत्यधिक है, जिससे चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका रहती है।
अभ्यर्थी इंटरव्यू अंकों को घटाकर 100 करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
