Monday, March 9, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
विदेशनेपाल नेपाल में जीत के बाद बालेन शाह की छवि को लेकर चर्चा तेज, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर अनुभव पर उठे सवाल

नेपाल में जीत के बाद बालेन शाह की छवि को लेकर चर्चा तेज, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर अनुभव पर उठे सवाल

Post Media
News Logo
PeptechTime
8 मार्च 2026, 12:00 pm IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

नई दिल्ली। नेपाल में 5 मार्च को हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह को बंपर जीत मिली है। इसके साथ ही उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बालेन शाह की इस जीत के बाद उनकी नागरिकता और कलाकार, रैपर से लेकर राजनीतिक छवि को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बालेन शाह के उपनाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई। दरअसल, बालेन शाह की नागरिकता को लेकर पहले भी मामला गरमाया है। 2006 तक उनके मूल नागरिकता प्रमाण पत्र (2006) में सरनेम 'साह' दर्ज था, जिसे बाद में बदलकर 'शाह' कर दिया गया।


इसके बाद गृह मंत्रालय में बालेन शाह के खिलाफ आरोप लगाया गया कि उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना अपना सरनेम बदला, जो नागरिकता अधिनियम, 2063 की धारा 12 और 17(2) के तहत एक अपराध हो सकता है।


बालेन शाह की इस जीत के साथ नेपाल की परंपरागत राजनीति के अंत को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। बालेन शाह एक रैपर थे और फिर उन्होंने राजनीति में एंट्री ली। ऐसे में उनकी बहुमुखी प्रतिभा वाली छवि को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। एक तरफ ज्यादातर लोग उन्हें एक प्रसिद्ध रैपर के रूप में जानते हैं। वहीं, उनके समर्थक उनकी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की डिग्री और काठमांडू के मेयर के रूप में उनके 'डेटा-संचालित' काम करने के तरीके को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताते हैं।


परंपरागत राजनीतिक रास्ते को छोड़कर उन्होंने लोगों के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया का रास्ता अपनाया। जेन-जी के नेता कहे जाने वाले बालेन शाह ने लोगों के साथ फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़ना शुरू किया।


हालांकि उनके आलोचक उन्हें अहंकारी बताते हैं। मेयर रहते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने और रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई की मानवाधिकार समूहों द्वारा आलोचना की गई है।


चुनाव में उनकी जीत के बाद यह भी चर्चा तेज हो रही है कि एक कलाकार, जिसके पास पारंपरिक कूटनीतिक अनुभव की कमी है, कैसे भारत और चीन जैसे शक्तिशाली पड़ोसियों के साथ नेपाल के संबंधों को संभालेंगे। उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट्स, जिनमें उन्होंने विदेशी शक्तियों की आलोचना की थी, अब चर्चा का विषय बने हुए हैं।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)