दिदोल गांव में पावर ट्रांसमिशन कंपनी पर आम रास्ता घेरने के आरोप, किसानों में आक्रोश

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छतरपुर,शिवाकांत मिश्रा। ईशानगर क्षेत्र के दिदोल गांव में ईशानगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान कंपनी द्वारा शासकीय आम रास्ते पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता “भोर्य हार” के नाम से जाना जाता है, जिससे होकर दर्जनों किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं। किसानों का दावा है कि यदि यह मार्ग बंद हो गया तो उनकी खेती पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी, क्योंकि ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और अन्य कृषि उपकरण खेतों तक नहीं पहुंच सकेंगे।
ग्रामसभा की सहमति पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य के लिए न तो ग्रामसभा की सहमति ली गई और न ही वैध अनुमति सार्वजनिक की गई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य इंडिकेट कंपनी द्वारा टेक्नो इलेक्ट्रिक कंपनी, कोलकाता को सौंपा गया है, और ग्रामीण विरोध के बावजूद बाउंड्री वॉल का निर्माण जारी है हालांकि, इन आरोपों पर कंपनी या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
आस्था से जुड़ा मामला भी
ग्रामीण गणेश खंगार, रामलाल विश्वकर्मा और प्रकाश सिंह सिकरवार सहित अन्य लोगों का कहना है कि इसी मार्ग पर दिदोल गांव की कुलदेवी का प्राचीन मंदिर स्थित है। उनका आरोप है कि रास्ता बंद होने से धार्मिक आस्था भी प्रभावित हो रही है।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि कथित अवैध निर्माण हटाकर आम रास्ता बहाल नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि निर्माण किस आदेश के तहत किया जा रहा है।
