नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है। जांच के दौरान लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को मुख्य सरगना बताते हुए गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कई अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए निकले। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई थी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा चेतावनी देने के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। इसके बावजूद कार्यकर्ता प्रदर्शन जारी रखते रहे। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि वर्ष 2024 में राहुल गांधी ने संसद में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया था, लेकिन सरकार ने चर्चा नहीं कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
वहीं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और सरकार पेपर लीक माफिया को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 100 पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं।

