भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और थानों में लंबे समय से एक ही ढर्रे पर चल रहे कामकाज में बदलाव के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। डीजीपी के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत एक ही थाने में 4 साल या उससे अधिक समय से जमे पुलिसकर्मियों का अनिवार्य रूप से तबादला किया जाएगा। इस संबंध में सभी जिलों के एसपी (पुलिस अधीक्षक) से प्रतिवेदन मांगा गया है।
1 से 6 जून के बीच जारी होंगे आदेश मुख्यालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, स्थानांतरण की यह प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और समयबद्ध होगी। संबंधित पुलिसकर्मियों को बदलने के आदेश 1 से 6 जून के बीच हर हाल में जारी करने होंगे। इन आदेशों की प्रति पुलिस मुख्यालय (PHQ) को भेजना अनिवार्य किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके।
अटैचमेंट अवधि भी होगी शामिल, दोबारा पोस्टिंग पर 3 साल का गैप नए नियमों के अनुसार, 4 साल की इस समय अवधि की गणना करते समय पुलिसकर्मियों की 'अटैचमेंट' (संबद्धता) अवधि को भी शामिल किया जाएगा। यानी अटैचमेंट के बहाने एक ही थाने में टिके रहने वाले कर्मचारियों को भी अब हटाया जाएगा। इसके अलावा, एक ही थाने में दोबारा पोस्टिंग पाने के लिए कम से कम 3 साल का अंतराल (गैप) होना अनिवार्य कर दिया गया है।
15 जून तक सौंपनी होगी विवेचना रिपोर्ट हटाए जाने वाले उपनिरीक्षक (SI), निरीक्षक (Inspector), एएसआई (ASI) या प्रधान आरक्षक (Head Constable) के पास यदि कोई आपराधिक मामला या प्रकरण विवेचना (जांच) के अधीन है, तो उन्हें राहत नहीं मिलेगी। उन्हें ऐसे सभी मामलों को अद्यतन (अपडेट) करके 15 जून तक हर हाल में अपने थाना प्रभारी को सौंपना होगा।
गौैरतलब है कि पिछले साल भी थानों में सालों से जमे पुलिसकर्मियों का बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया था। विभाग के भीतर और कानून व्यवस्था पर इसके बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिले थे। इसी प्रतिक्रिया और सफलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने इस साल दोबारा थाना बल में यह बड़ा फेरबदल करने का निर्णय लिया है।



