हिसार। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय मुक्केबाजी टीम के लिए यादगार रहा। बॉक्सिंग में देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें से 7 गोल्ड रहे। अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 'गोल्डन पंच' लगाया। अंकुश के कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश और उन्होंने मिलकर इंग्लैंड के बॉक्सर डिमेजी शिट्टू के खिलाफ पहले से ही तैयारी कर रखी थी। फाइनल मुकाबले में अंकुश ने शिट्टू को 4-1 से मात देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अंकुश के कोच ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, "अंकुश जब 11 साल के थे तब से मेरे पास आने लगे थे। हमने पहले से ही प्लानिंग कर रखी थी कि कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ इंग्लैंड और कनाडा ही हैं, जो हमको ज्यादा टक्कर देंगे। वर्ल्ड कप फाइनल में अंकुश इंग्लैंड के बॉक्सर से हारे थे।"

प्रदीय सावंत ने आगे बताया, "हमने इंग्लैंड के बॉक्सर के खिलाफ इस बार पूरी तैयारी की थी कि कैसे उन्हें हराना है। फाइनल में वह पहले बाउट में 0-5 से पीछे हो गए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने रणनीति में बदलाव किया। मैंने शनिवार को अंकुश से घंटों बात की और हमने यह तय किया कि राउंड दर राउंड हमको अपने प्लान में बदलाव करना है। अंकुश प्लान के अनुसार ही खेले और वह चैंपियन बनने में सफल रहे।"

अंकुश ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 'आईएएनएस' से बात करते हुए कहा, "गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है, हालांकि पहले बाउट में 0-5 से पीछे हो गया था, तो दबाव आ गया था कि कैसे भी करके बाउट लेनी है। बस खुद के ऊपर विश्वास रखा और सब हो गया। परिवार से बात हुई थी और सभी काफी खुश है। मैं अपना यह मेडल परिवार और अपने कोच को समर्पित करना चाहता हूं। यहां जीतकर आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और एशियन गेम्स में और भी अच्छा करूंगा।" भारत ने शनिवार को कुल 16 मेडल जीते, जिसके बाद भारत मेडल टैली में 10वें स्थान से उठकर चौथे नंबर पर आ गया है। भारत अब तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज जीत चुका है।