लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी ताकत का संकेत माने जा रहे विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव परिणामों ने भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबले की तस्वीर दिलचस्प बना दी है। मतगणना के दूसरे दिन बुधवार को अब तक सात सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। राज्य के सात मतगणना केंद्रों पर मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना बुधवार को भी जारी रही। मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की निगरानी में कराई जा रही है। 23 अक्टूबर को प्रदेश के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था। इन सीटों के लिए कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। अब तक घोषित नतीजों में भाजपा ने मेरठ की दोनों सीटों के साथ लखनऊ शिक्षक, बरेली शिक्षक और एक अन्य सीट पर जीत दर्ज की है। मेरठ स्नातक सीट पर दिनेश गोयल और शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा विजयी रहे। लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के सुशील कुमार को पीछे छोड़ा। बरेली शिक्षक सीट पर भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की।

आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल को विजेता घोषित किया गया। रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने बुधवार सुबह उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को हराया। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना अंतिम चरण में पहुंचने के साथ मुकाबला रोचक हो गया है। मतगणना में तेजी लाने के लिए दूसरी वरीयता के मतों की गिनती एक के बजाय तीन टेबल पर कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही मतगणना टेबलों के पास मौजूद प्रत्याशियों के समर्थकों की संख्या सीमित कर दी गई है। अब प्रत्येक प्रत्याशी की ओर से केवल एक कार्यकर्ता को वहां रहने की अनुमति दी जा रही है।

लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार तेजी से बढ़त बनाए हुए हैं। चुनाव परिणामों के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया है, हालांकि पार्टी को कुछ और सीटें जीतने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि सपा का उन जगहों पर भी खाता खुला है, जहां भाजपा को जीत की अपेक्षा थी। पार्टी इस पर विचार करेगी और आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चार सीटों पर पार्टी जीत चुकी है और पूर्वांचल की सीटों पर भी भाजपा को सफलता मिलने की उम्मीद है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भाजपा बेहतर चुनाव प्रबंधन के कारण जीत रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा निष्पक्ष चुनाव की पक्षधर है। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के जरिए वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि भाजपा समर्थक मतगणना स्थल के भीतर जाकर प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। सपा ने यह भी दावा किया कि राउंड की गिनती पूरी होने के बाद न तो परिणाम घोषित किए जा रहे हैं और न ही आंकड़े प्रदर्शित किए जा रहे हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित कराने की मांग की।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं रह जाता और वह वोट चोरी तथा धांधली के आरोप लगाने लगते हैं। उन्होंने सपा प्रमुख से जनादेश स्वीकार करने और अगले चुनाव की तैयारी करने की अपील की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों को बधाई देते हुए उनसे जीत के बाद जुलूस नहीं निकालने और किसी तरह का हुड़दंग नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामने विधानसभा चुनाव है और भाजपा सपा की छवि खराब करने के लिए उसके जुलूसों में हंगामा कराने की साजिश कर सकती है।

अखिलेश ने कार्यकर्ताओं और नवनिर्वाचित सदस्यों से सतर्क रहने को कहा। वहीं, सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि समाजवादी विजय का शंखनाद हो चुका है और अब 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक परिणाम की बारी है। विधान परिषद की इन 11 सीटों के परिणामों पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं। घोषित नतीजों में भाजपा की बढ़त के बावजूद सपा की जीत ने प्रदेश की सियासत में नए राजनीतिक संकेत दिए हैं। शेष सीटों पर मतगणना पूरी होने के बाद ही चुनाव की अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी। आईएएनएस विकेटी