छतरपुर, संजय अवस्थी। छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का गुस्सा अब चरम पर है और छात्र संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को बुंदेलखंड छात्र संगठन के नेतृत्व में सत्येंद्र शर्मा की अगुवाई में छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ गांधीवादी और अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर और जमीन पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
छात्रों का कहना था कि प्रशासन छात्र हितों की अनदेखी कर आंखें मूंदे बैठा है, जिसके प्रतीक स्वरूप उन्होंने यह कदम उठाया है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने परिसर में अध्ययनरत 10,000 से अधिक छात्र-छात्राओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उठाया। छात्रों ने आरोप लगाया कि महज 2 वर्ष पूर्व निर्मित कर्मशिला भवन वर्तमान में जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जो निर्माण कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग के साथ-साथ छात्रों ने विगत 5-6 वर्षों से सेवारत अनुभवी अतिथि विद्वानों को पुनः बहाल करने और शैक्षणिक स्टाफ की कमी को तत्काल दूर करने की पुरजोर मांग रखी।
इसके अलावा छात्रों ने शैक्षणिक व प्रशासनिक लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए बताया कि बीए, बीएससी और बीकॉम तृतीय सेमेस्टर का सिलेबस देरी से अपलोड होने के कारण पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है, इसलिए परीक्षा तिथियों का पुनर्निर्धारण किया जाए। साथ ही पिछले दो माह से छात्रवृत्ति शाखा में कर्मचारी न होने, सेमेस्टर सिस्टम के नाम पर हर 6 महीने में फीस का अतिरिक्त आर्थिक बोझ लादने और पूरे परिसर में सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था लागू न होने पर गहरा रोष जताया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन 7 सूत्रीय मांगों का त्वरित निराकरण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।












