टीकमगढ़। टीकमगढ़ के प्रसिद्ध शिव धाम कुंडेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से मिलने वाली दान राशि के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दोनों पुजारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक पुजारी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है, जबकि दूसरे पुजारी द्वारा दिए गए आवेदन पर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को मंदिर के प्रधान पुजारी जमुना तिवारी ने सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट और अभद्रता करने की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के दौरान प्रधान पुजारी जमुना तिवारी के हाथ में चोट के निशान पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनका डॉक्टरी मुलाहजा कराया। चिकित्सीय परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस कार्रवाई के बाद रविवार को सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया भी अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और प्रधान पुजारी जमुना तिवारी पर मारपीट के जवाबी आरोप लगाते हुए एक लिखित शिकायती आवेदन दिया। सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया का आरोप है कि मंदिर में आने वाली दान राशि में से उन्हें उनका नियमानुसार हिस्सा नहीं दिया जा रहा था। जब उन्होंने इस भेदभाव का विरोध करते हुए अपने हक की राशि मांगी, तो प्रधान पुजारी जमुना तिवारी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया से प्राप्त आवेदन पर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि दोनों पक्षों के बीच उपजा पूरा विवाद मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली और वाहनों के पूजन से मिलने वाली दान राशि के पैसों के आपसी बंटवारे को लेकर ही था।
गौरतलब है कि प्रसिद्ध कुंडेश्वर महादेव मंदिर में साल भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन, विशेष पूजा-अर्चना और अपने नए वाहनों का पूजन कराने के लिए पहुंचते हैं। परंपरा के अनुसार मंदिर में प्राप्त होने वाली इस दान राशि को वहां सेवा देने वाले सभी पुजारियों में बराबर-बराबर बांटा जाता है। इसी राशि के हिस्से को लेकर दोनों पुजारियों के बीच उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि पवित्र धाम परिसर में ही हाथापाई की नौबत आ गई। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि पुजारियों के इस आचरण से सदियों पुराने ऐतिहासिक मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल होती है, इसलिए मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर पुजारियों पर उचित दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।


