भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स थाना इलाके के इकोलॉजिकल पार्क हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई बेहद चौंकाने वाले और गंभीर खुलासे हो रहे हैं। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने शनिवार को बताया कि साल 2018 में जेल से छूटने के बाद वह घर पर कम और सड़कों पर ज्यादा रहता था, जहां भी जगह मिलती थी वह वहीं सो जाता था।


पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह अब तक लगभग 100 पुरुषों और 15 महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बना चुका है। आरोपी ने बताया कि वह सबसे ज्यादा सड़क किनारे सोने वाली महिलाओं और पुरुषों को अपना शिकार बनाता था। वह उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए पहले शराब पिलाता था, ताकि यदि वे बाद में पुलिस से शिकायत भी करना चाहें, तो शराब के नशे के कारण कोई उनकी बात पर आसानी से यकीन न करे।


पुलिस के मुताबिक आरोपी युवक पूर्व में भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और वह एचआईवी पॉजिटिव है। भोपाल के मिसरोद थाने के एक मामले में जब वह साल 2022-2023 के दौरान जेल में बंद था, तब जांच के दौरान उसके एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहराई से पूछताछ कर रही है कि कहीं वह किसी मानसिक फितूर या सनक के तहत इस गंभीर बीमारी को जानबूझकर दूसरे लोगों में फैलाने के इरादे से तो ऐसे संबंध नहीं बनाता था। आरोपी फिलहाल कुंवारा है और पुलिस उसके परिजनों व दोस्तों की तलाश कर रही है।


थाना प्रभारी सुनील दुबे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैट रिकॉर्ड सहित अन्य डिजिटल दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि उसके संपर्क में आए लोगों के बारे में सटीक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस संपर्क में आए लड़कों और लड़कियों की पहचान कर उनसे भी पूछताछ करेगी, हालांकि अब तक की जांच में किसी लड़की के साथ दुष्कर्म जैसी वारदात सामने नहीं आई है। आरोपी पूर्व में भोपाल में ही एक डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था।


मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार 27 जून को पुलिस टीम आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी, जहां डमी का उपयोग कर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने पूरी कड़ियों को दोहराया कि उसने इस वीभत्स हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया था। आरोपी की वर्तमान पुलिस रिमांड की अवधि 30 जून को समाप्त हो रही है, लेकिन मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे उसे दोबारा रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में आवेदन पेश करेंगे।