बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेंधवा के सिविल अस्पताल में सोमवार दोपहर एक 17 वर्षीय किशोरी ने मृत बच्चे को जन्म दिया। पीड़िता ने आदिवासी संगठन जयस (JAYS) के एक बड़े पदाधिकारी पर दुष्कर्म करने और गर्भवती होने के बाद गर्भपात की गोलियां (एबॉर्शन पिल्स) देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।


किशोरी के बयान पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

सेंधवा शहर थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने बताया कि सोमवार को सिविल अस्पताल से एक गर्भवती किशोरी के भर्ती होने की सूचना मिली थी, जहां उसने मृत शिशु को जन्म दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पीड़िता के विस्तृत बयान दर्ज किए गए। किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने जयस नेता राहुल (पिता रतनसिंह) और उसके सहयोगी दिलीप के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर रवाना कर दी गई हैं।


कौन है आरोपी राहुल सोलंकी?

आरोपी राहुल सोलंकी वर्तमान में जयस (JAYS) का ब्लॉक अध्यक्ष और मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग का बड़वानी जिला अध्यक्ष है। वह ग्रामीण थाना क्षेत्र के झोपाली गांव का रहने वाला है और स्थानीय स्तर पर आदिवासी कार्यक्रमों तथा जयस के आंदोलनों में काफी सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है। कुछ समय पूर्व ग्रामीण थाना पुलिस द्वारा राहुल सोलंकी पर जिला बदर का नोटिस तामील किया गया था, जिसके विरोध में उसने 23 सितंबर की रात ग्रामीण थाने के सामने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि, उस समय जिला बदर की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी थी।


राजनीतिक प्रतिक्रिया और निष्पक्ष जांच की मांग

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी गहमागहमी तेज हो गई है: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अजजा (ST) मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ. रेलाश सेनानी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर बेटियों की सुरक्षा की बात करने वालों का ऐसा कृत्य बेहद शर्मनाक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि खुलेआम बाजार में बिना डॉक्टर की पर्ची के उपलब्ध होने वाली गर्भपात की दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।