लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने पूर्व सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य को पूरी तरह परख चुके हैं। पार्टी नेतृत्व उनकी बातों की उपयोगिता और अनुपयोगिता को अच्छी तरह समझता है। इसी वजह से अखिलेश यादव ने सोच-समझकर स्पष्ट कर दिया है कि अब पार्टी में उनके लिए कोई जगह नहीं है।सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर अखिलेश यादव का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा, "परखे हुए को परखा नहीं जाता। स्वामी प्रसाद मौर्य को समाजवादी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव ने पूरी तरह परख लिया है। उनकी बातों में कितनी उपयोगिता है और कितनी अनुपयोगिता, यह पार्टी अच्छी तरह समझ चुकी है। इसलिए अखिलेश यादव ने नपी-तुली बात कहते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनके यहां स्वामी प्रसाद मौर्य का कोई स्थान नहीं है।"

स्वामी प्रसाद मौर्य के उस बयान पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव इंडी गठबंधन का केवल एक हिस्सा हैं, पूरा गठबंधन नहीं। इस पर सपा सांसद ने कहा कि यह बात सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि पूरा देश जानता है कि अखिलेश यादव इंडी गठबंधन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन में अखिलेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनकी राजनीतिक हैसियत किसी से छिपी नहीं है।

अखिलेश यादव को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य की 'न पिद्दी न पिद्दी का शोरबा' वाली टिप्पणी पर भी अवधेश प्रसाद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

अवधेश प्रसाद ने कहा, "स्वामी प्रसाद को इस तरह की बातें नहीं बोलनी चाहिए। वह हमारे साथ काम कर चुके हैं और नेतृत्व में भी रह चुके हैं। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी उनकी छोटी मानसिकता को दर्शाती है।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि स्वामी प्रसाद मौर्य इंडी गठबंधन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं और अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। अब स्वामी प्रसाद मौर्य को कोई पूछ नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि साथ काम कर चुके लोगों के बारे में इस तरह की बयानबाजी करना उचित नहीं है।

वहीं, एसआईआर को लेकर अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेता सबूतों के साथ मतदाता सूची से नाम कटने का विवरण सामने रख रहे हैं। इसके बावजूद चुनाव आयोग की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठा रही है और इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।