छतरपुर, संजय अवस्थी। विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति शाखा में जिम्मेदार अधिकारी के नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने के कारण करीब 8 हजार छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति प्रक्रिया प्रभावित होने का मामला सामने आया है। विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति, गांव की बेटी और आवास संबंधी फॉर्म जमा एवं सत्यापित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उन्हें लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार मार्च-अप्रैल में छात्रवृत्ति शाखा के प्रभारी आकाश जैन को कार्यालय में शराब पीने और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पद से हटा दिया गया था। इसके बाद शाखा का प्रभार निशा माली को दिया गया तथा छात्र लिपिक पीआर पटैरिया को बनाया गया। कुछ समय बाद निशा माली का स्थानांतरण हो गया और पीआर पटैरिया मेडिकल अवकाश पर चले गए। इसके बाद विश्वविद्यालय ने 30 जून को छात्रवृत्ति शाखा की जिम्मेदारी आरएस सिसौदिया को सौंपने का आदेश जारी किया।
आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद आरएस सिसौदिया ने अब तक छात्रवृत्ति शाखा में कार्यभार संभालकर काम शुरू नहीं किया है। इसके चलते छात्र-छात्राओं के फॉर्म जमा और सत्यापित नहीं हो पा रहे हैं। विद्यार्थी आवास, गांव की बेटी सहित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के फॉर्म लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति में उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
छात्र मोहित प्रजापति ने बताया कि वह आवास का फॉर्म जमा कराने कई बार विश्वविद्यालय आ चुके हैं, लेकिन फॉर्म जमा नहीं हो रहा है। वहीं एनएसयूआई आईटी सेल के जिलाध्यक्ष अश्विनी मिश्रा ने कहा कि वह नौ दिन पहले गांव की बेटी योजना का फॉर्म जमा कराने आए थे। उस समय प्रभारी के बीमार होने की जानकारी दी गई थी। कुलसचिव से चर्चा के बाद जल्द नया प्रभारी नियुक्त करने का आश्वासन मिला था, लेकिन नया प्रभारी बनाए जाने के बाद भी शाखा में काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर प्रभारी नियुक्त कर विद्यार्थियों के फॉर्म सत्यापित नहीं कराए गए तो एनएसयूआई विश्वविद्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेगी।




