बेंगलुरु। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सचिव सूरज हेगड़े के निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने वीरप्पा मोइली ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सूरज हेड़गे हमारी पार्टी के ईमानदार, निष्ठावान, मेहनती और समर्पित नेताओं मे से एक थे।
वीरप्पा मोइली ने कहा, सूरज हेगड़े के निधन से हमें बहुत बड़ी क्षति पहुंची है। सूरज हेड़गे देवराज के पोते थे, लेकिन, उन्होंने कभी हमारे बीच में इस बात का खुलासा नहीं किया। देवराज कोई और नहीं, बल्कि हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। सूरज लंबे समय तक कांग्रेस के सचिव पद पर रहे। उन्हें जो भी काम सौंपा जाता था, वो उसका निष्ठापूर्वक पालन करते हैं। अपने काम को करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं करते थे।
इसके अलावा, जब उनसे पूछा गया कि क्या इंडिया ब्लॉक में मौजूदा समय में मतभेद की स्थिति बनी हुई है, तो इस पर उन्होंने कहा कि हम इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं कि इंडिया गठबंधन में मतभेद नहीं है। सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि इंडिया ब्लॉक में कोई एक दल नहीं, बल्कि 25 दल सक्रिय हैं। जाहिर सी बात है कि विभिन्न दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं हो जाता है कि हम अपने मूल मुद्दे से ही भटक जाए। इंडिया ब्लॉक की मौजूदा स्थिति को लेकर मेरा यही कहना है कि अगर इसमें शामिल विभिन्न दलों के बीच किसी मुद्दे को लेकर राज्य स्तर पर कोई मतभेद है, तो उसे दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल नहीं किया जाए, क्योंकि यहां पर हम एक किसी बड़े उद्देश्य को प्राप्त करने के मकसद से एकत्रित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह कहना सही रहेगा कि बिल्कुल राज्य स्तर पर हमारे मतभेद है। अब केरल को ही देख लीजिए, वहां पर हम विपक्ष की भूमिका में हैं, तो जाहिर सी बात है कि हमारे और वहां पर सत्ताधारी दल के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन, जब हम एकजुट होकर बैठक करते हैं, तो सबसे पहले इन पुराने मुद्दे को भुलाना होगा, क्योंकि हम सभी किसी बड़े उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए ही एकत्रित हुए हैं और इस उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब अगर इंडिया ब्लॉक में शामिल सभी दलों के नेता राज्य स्तर में होने वाली राजनीतिक उठापटक के बारे में चर्चा करेंगे, तो फिर हम बड़े उद्देश्यों को कैसे प्राप्त कर पाएंगे। हमें यह समझना होगा कि हमने इंडिया गठबंधन का गठन किन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए किया था। अगर हम इसी तरह से छोटे छोटे विवादों में लिप्त हो जाएंगे, तो बड़े उद्देश्यों को प्राप्त करने में चूक जाएंगे।
इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक सरकार में चल रही अंतर्कलह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि मौजूदा समय में यहां पर सरकार में विवाद की स्थिति है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि विवाद को ज्यादा तूल देने से कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। हमारे यहां पर सभी नेता विराजमान हैं। ऐसी स्थिति में अगर हम चाहते हैं कि सभी मुद्दों का समाधान हो जाए, तो हमें एक मेज पर आकर संवाद पर बल देना होगा, तभी जाकर समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

