मुंबई। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के फ्लोटिंग होर्डिंग टेंडर को लेकर महाराष्ट्र सरकार के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने स्पष्टीकरण दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि वे मुंबई के समुद्री पर्यावरण या सुंदर तट रेखा के नाजारों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेंगे।नितेश राणे ने एक्स पोस्ट में कहा, "महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (एमएमबी) द्वारा जारी किए गए होर्डिंग टेंडर को लेकर काफी गलतफहमी और गलत व्याख्याएं सामने आ रही हैं। मैं तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता हूं। प्रस्तावित चार होर्डिंग में से दो पहले से ही सी-लिंक के पास मौजूद हैं और केवल दो नए होर्डिंग लगाने का प्रस्ताव है। यह जानकारी पूरी तरह से गलत और भ्रामक है कि समुद्र में 20 होर्डिंग लगाए जाने वाले हैं।"
राणे ने कहा, "पत्तन मंत्री और एमएमबी के अध्यक्ष के रूप में मैं इन तथ्यों को आधिकारिक तौर पर रखना चाहता हूं। एक गर्वित मुंबईकर होने के नाते मैं कभी भी ऐसी किसी पहल का समर्थन नहीं करूंगा, जिससे मुंबई के समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचे या इसके खूबसूरत तटवर्ती नज़ारों में कोई बाधा आए। जो भी व्यक्ति स्पष्टीकरण चाहता है, हम उनसे बात करने और पूरी जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।"
मंत्री राणे ने फ्लोटिंग होर्डिंग टेंडर को लेकर राजनीति नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "आइए, इस मुद्दे का अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण न करें। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रगतिशील विकास, दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों का साथ-साथ चलना जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि इससे तथ्यों को सही परिप्रेक्ष्य में समझने में मदद मिलेगी।"
बता दें कि खबरें सामने आई थीं कि एमएमबी ने मुंबई और एमएमआर में जुहू बीच, बांद्रा-वर्ली सी लिंक, वर्ली जेटी, कार्टर रोड, मार्वे जेटी आदि में करीब 15 से 20 स्थानों पर डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और मेंटेन के आधार पर फ्लोटिंग होर्डिंग्स और विज्ञापन लाइसेंस के लिए टेंडर जारी किए हैं। इस खबर का ही नितेश राणे ने खंडन किया है।

















