बीजिंग। जापान में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कोडाई मुराता पर जापान द्वारा लगाए गए अभियोग के संबंध में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह घटना जापान के भीतर व्याप्त अति दक्षिणपंथी विचारधारा और ताकतों को उजागर करती है। जापान को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और चीन तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक जिम्मेदार स्पष्टीकरण देना चाहिए।
प्रवक्ता ने बताया कि 24 मार्च को जापानी आत्मरक्षा बलों के एक अधिकारी ने चाकू लेकर चीनी दूतावास पर हमला किया और चीन को हिंसक धमकियां दीं। यह राजनयिक संबंधों पर विएना कन्वेंशन का गंभीर उल्लंघन है, चीन की संप्रभुता और गरिमा का घोर उल्लंघन है, और चीनी राजनयिक कर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा तथा राजनयिक सुविधाओं की सुरक्षा को गंभीर रूप से खतरे में डालता है। इस घटना की प्रकृति और प्रभाव अत्यंत गंभीर हैं। मामले के तथ्य स्पष्ट हैं और सबूत अकाट्य हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना से जापान में व्याप्त अति दक्षिणपंथी विचारधारा और ताकतों का पूरी तरह से पर्दाफाश होता है, आत्मरक्षा बल के कर्मियों में प्रबंधन और शिक्षा की कमी उजागर होती है, और साथ ही चीन-जापान संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों, जैसे इतिहास और ताइवान पर जापानी सरकार की गलत नीतियों के हानिकारक प्रभाव का भी पता चलता है, जिससे 'नए प्रकार के सैन्यवाद' के उदय के लिए उपजाऊ जमीन तैयार हो रही है। चीन जापान से आग्रह करता है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाए, जल्द से जल्द गहन जांच करे, मूल कारणों का पता लगाए, इसमें शामिल लोगों को कड़ी सजा दे, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और चीन तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उचित स्पष्टीकरण देने का आग्रह करता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




