नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले अंतर्गत सोहागपुर विकासखंड क्षेत्र में स्थित 'पीएम श्री' (PM SHRI) और 'सीएम राइज' (CM RISE) विद्यालयों को आवंटित विशेष बजट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भाई-भतीजावाद का मामला अब प्रदेश की राजधानी भोपाल तक गरमा गया है। सोहागपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने शासन के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर निलंबन जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।


मुख्य सचिव समेत उच्च अधिकारियों को भेजा पत्र

विधायक जयवर्धन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (स्कूल शिक्षा विभाग), आयुक्त (लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल), कलेक्टर (नर्मदापुरम) और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को शिकायती पत्र प्रेषित किया है: पत्र में मांग की गई है कि सोहागपुर विकासखंड के पीएम श्री और सीएम राइज स्कूलों को बुनियादी ढांचे व विकास कार्यों के लिए मिली विशेष राशि के खर्च, टेंडर प्रक्रियाओं और नियमों के पालन की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि जांच में बजट के दुरुपयोग या वित्तीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।


स्टाफ भर्ती में भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप

इससे पूर्व सोहागपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर ने स्थानीय स्तर पर भी इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालयों में विशेष राशि के आवंटन में भारी घपलेबाजी के साथ-साथ आउटसोर्सिंग व अन्य गैर-शिक्षण स्टाफ पदों पर नियम-कायदों को दरकिनार कर चहेतों और रिश्तेदारों की भर्तियां (भाई-भतीजावाद) की गई हैं। पूर्व मंत्री व विधायक जयवर्धन सिंह द्वारा मुख्य सचिव स्तर पर पत्र भेजे जाने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र के लोगों और अभिभावकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन इस पर कब तक जांच टीम गठित करता है।