भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बेरोजगार युवाओं और कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदन की अंतिम समयसीमा बढ़ा दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और परीक्षा के मोड में भी बड़ा फेरबदल किया गया है।


आवेदन की नई तिथि और महत्वपूर्ण बदलाव

एमपी ऑनलाइन के माध्यम से टीईटी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि जो पहले 18 सितंबर तय थी, उसे बढ़ाकर अब 5 अक्टूबर कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक लगभग 19,100 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय और माशिमं के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि अब परीक्षा की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल संभालेगा।


कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की तर्ज पर होने वाली यह परीक्षा इस बार ऑनलाइन मोड के बजाय ऑफलाइन (पेन-पेपर मोड) आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी 55 जिला मुख्यालयों में सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अंचल के परीक्षार्थियों को दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और परीक्षार्थियों की कुल संख्या तय होने के बाद तैयारियों में करीब दो महीने का समय लगेगा। ऐसे में टीईटी परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित होने की प्रबल संभावना है।


शिक्षकों ने उठाईं पदोन्नति, पदस्थापना और ई-अटेंडेंस की समस्याएं

टीईटी परीक्षा के साथ-साथ प्रदेश के मौजूदा शिक्षकों ने विभाग के सामने अपनी लंबित मांगें और प्रशासनिक समस्याएं भी प्रमुखता से रखी हैं: लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी से चिंतित हैं और विभाग से स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग कर रहे हैं। जिन शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनके पदस्थापना (पोस्टिंग) आदेश जारी न होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में खराब नेटवर्क और ऐप की तकनीकी दिक्कतों के कारण शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। शिक्षकों ने इस संबंध में पारदर्शी और व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।