मुंबई। टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को चेयरमैन एन.चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल का समर्थन किया। साथ ही, कंपनी की लिस्टिंग को भी मंजूरी दे दी। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल का विरोध किया, जबकि अन्य बोर्ड सदस्यों ने इसका समर्थन दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, "सूत्रों से पता चला है कि नोएल टाटा, जिनके पास टाटा ट्रस्ट्स की ओर से बोर्ड में वीटो का अधिकार है, दोनों प्रस्तावों से सहमत नहीं थे और उन्होंने प्रस्तावों को रोकने के लिए अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल किया है।"

यह फैसला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा टाटा संस को लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिए जाने के कुछ हफ्ते बाद आया है।

इसके अलावा, आरबीआई ने टाटा संस को 'अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी' के तौर पर वर्गीकृत किया था, जिसके तहत उसे 2022 में तीन साल के भीतर लिस्ट होना जरूरी था।

बोर्ड के इस फैसले से कंपनी की लीडरशिप को लेकर महीनों से चली आ रही अनिश्चितता भी खत्म हो गई है।

चंद्रशेखरन फरवरी 2017 से टाटा संस की कमान संभाले हुए हैं और 2022 में दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया था, जो 20 फरवरी, 2027 को खत्म होने वाला है।

हालांकि टाटा ट्रस्ट्स ने 2025 में तीसरे कार्यकाल का समर्थन किया था, लेकिन इस साल की शुरुआत में एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे व्यवसायों के प्रदर्शन और पूंजी आवंटन को लेकर नोएल टाटा की चिंताओं के कारण बातचीत रुक गई थी।

इससे पहले अगस्त में, चंद्रशेखरन ने संकेत दिया था कि वह अगला कार्यकाल नहीं चाहते हैं और बोर्ड को अपने फैसले के बारे में बता दिया था।

इससे पहले एक बयान में चंद्रशेखरन ने कहा है कि मैंने टाटा समूह में अपने पेशेवर जीवन के 40 साल पूरे कर लिए हैं।

उन्होंने कहा, "मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने के बेहद संतोषजनक अवसर के लिए आभारी हूं। पिछले दशक में टाटा संस का नेतृत्व करना एक बड़ा सम्मान और एक बड़ी जिम्मेदारी रही है।"