देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित पोखारभिंडा गांव में खलिहान की जमीन पर बिना प्रशासनिक अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर भारी विवाद हो गया। प्रतिमा लगाने का विरोध करने और ग्रामीणों के उग्र होने पर पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक (SP) संकल्प शर्मा/अभिजीत आर. शंकर ने कार्रवाई करते हुए एक उपनिरीक्षक (दरोगा) और दो आरक्षियों को निलंबित कर दिया है।


कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

मंगलवार की घटना: पोखारभिंडा गांव में कुछ लोग खलिहान की भूमि पर चबूतरा बनाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे। सूचना मिलते ही रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर प्रतिमा स्थापना का काम रुकवा दिया।


बृहस्पतिवार को पथराव: एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात था। हालांकि, बृहस्पतिवार को अचानक कुछ असामाजिक तत्व और ग्रामीण उग्र हो गए तथा तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया।


एसपी की गाज: 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 10 थानों की पुलिस तैनात

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने समीक्षा के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र की लापरवाही मानी और निम्नलिखित कर्मियों को निलंबित कर दिया:


अरविंद यादव (उपनिरीक्षक / SI)

रमेश यादव (मुख्य आरक्षी / हेड कांस्टेबल)

नागेश्वर सिंह (एलआईयू आरक्षी / LIU कांस्टेबल)


गांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन लगभग 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और गांव में शांति व्यवस्था कायम है।