टीकमगढ़, मो​हसिन अहमद। विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तमोरा गांव में पेयजल का भीषण संकट गहरा गया है। करीब 1800 की आबादी वाले इस गांव में 55.04 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना पिछले तीन महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी है।

जलापूर्ति ठप होने का मुख्य कारण बिजली बिल का बकाया होना बताया जा रहा है। भीषण गर्मी और पानी की बूंद-बूंद के संकट के बीच मजबूरी में गाँव की महिलाएं और बच्चे तालाब से गंदा व मटमैला पानी भरकर ला रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वे इस पानी को 3-4 बार छानने के बाद पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पूरे गांव में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक से पर्याप्त पानी नहीं निकलता।

दूसरी ओर, सरपंच प्रतिनिधि आशीष यादव ने ग्रामीणों द्वारा तालाब का गंदा पानी पीने के दावों को खारिज किया है। उन्होंने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नल-जल योजना पर करीब 3 से 4 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। वर्तमान में ग्राम पंचायत के पास इतनी राशि उपलब्ध नहीं है, लेकिन जल्द से जल्द बिल का भुगतान कर जलापूर्ति बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पानी जैसी मूलभूत और अनिवार्य सुविधा के महीनों से ठप होने के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष है और उन्होंने जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है।