इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आईईटी परिसर स्थित रामानुजनम-बी हॉस्टल में फाइनल ईयर के छात्रों द्वारा देर रात जमकर हंगामा और तोड़फोड़ किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार अलसुबह हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र अनुशासनहीनता की सारी हदें पार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन सख्त एक्शन के मूड में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, आईईटी विभाग में फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद हॉस्टल में विदाई (फेयरवेल) जैसी स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान कुछ छात्रों ने मर्यादाएं भूलकर हुड़दंग शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में छात्र अर्धनग्न अवस्था में तेज आवाज में 'दारू बदनाम कर दी' जैसे फूहड़ गानों पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं। कुछ छात्र हॉस्टल की पहली मंजिल से नीचे खड़े छात्रों पर बाल्टियों से पानी फेंकते नजर आ रहे हैं, तो वहीं कुछ छात्रों ने हॉस्टल परिसर में रखी कुर्सियां, टेबल और अन्य कीमती सामान को फेंकना और तोड़ना शुरू कर दिया।
छात्रों का यह शोर-शराबा और हंगामा काफी देर तक चलता रहा। इस दौरान उपद्रवी छात्रों ने हॉस्टल में लगी प्लास्टिक की पानी की टंकी तक को तोड़ दिया। इसके अलावा इमारत की खिड़कियों के कांच और हॉस्टल के अन्य फर्नीचर को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इस पूरे मामले की जानकारी आईईटी विभाग के एचओडी डॉ. प्रतोष बंसल ने तत्काल विश्वविद्यालय प्रबंधन को दी।
यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है। उन्होंने साफ कहा है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हुड़दंग करने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है और उनकी एक सूची तैयार की जा रही है। जिन छात्रों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ और अनुशासनहीनता की है, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, हॉस्टल की संपत्ति को हुए नुकसान की पूरी भरपाई भी दोषी छात्रों से ही आर्थिक दंड लगाकर वसूली जाएगी।
इधर, भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दुधी ने मामले को लेकर बताया कि यह वीडियो खंडवा रोड स्थित आईईटी कैंपस हॉस्टल का ही है और यह घटनाक्रम परीक्षाओं के समापन के बाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, इस हुड़दंग के दौरान छात्रों के बीच आपस में किसी प्रकार के विवाद या मारपीट की बात सामने नहीं आई है और न ही वर्तमान में यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। बहरहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर मामले की जांच कर दोषियों को चिन्हित करने में जुटा है।



