वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने वर्तमान हालात में भारत-यूएस की मजबूत साझेदारी को अहम बताया। उनके अनुसार, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिका को भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने होंगे।
वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले सुब्रमण्यम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वाशिंगटन को नई दिल्ली के साथ मजबूत साझेदारी बनाए रखनी चाहिए और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, " हमें भारत-अमेरिका के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने होंगे। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करें और उन देशों का मुकाबला करें जो खुद को हमारे प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करते हैं।"
सुब्रमण्यम ने कहा कि उनकी प्राथमिकता वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अपने किसी भी सहयोगी देश को अलग-थलग नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारा मुख्य ध्यान भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर है। हम किसी भी सहयोगी देश को अलग-थलग नहीं करना चाहते।"
वहीं, ट्रंप प्रशासन पर भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, टैरिफ और अन्य नीतिगत कदमों से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में कोई मदद नहीं मिली है।
उन्होंने कहा "इस प्रशासन की विदेश नीति पूरी तरह विफल रही है और इसने भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचाया है।"
डेमोक्रेट सांसद ने कहा, "उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अमेरिका के संबंधों को नुकसान पहुंचाया है।"
सुब्रमण्यम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के बाद भारत-अमेरिका संबंधों की स्थिति से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बैठक से दोनों देशों के संबंध बेहतर हुए हैं, तो उन्होंने कहा कि अन्य देशों के प्रति ट्रंप प्रशासन का रवैया लगातार एक जैसा नहीं रहा।
उन्होंने कहा, "यह इस बात पर निर्भर करता है कि राष्ट्रपति किस मूड में उठते हैं।"
सांसद ने ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान और वहां के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ बढ़ते संपर्क पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा, "मैं असीम मुनीर और पाकिस्तान में हो रही घटनाओं को लेकर अपनी चिंता को कई बार सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुका हूं।"
उन्होंने कहा, "आखिरकार हमें अपने सहयोगियों से भी जवाबदेही तय करनी होगी। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है और वहां लोकतंत्र के साथ जो कुछ हुआ है, उस पर भी सवाल उठने चाहिए।"
सांसद ने एक बार फिर ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि टैरिफ और अन्य फैसलों ने द्विपक्षीय संबंधों की गति बनाए रखना और कठिन बना दिया है।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ और उनके कुछ अन्य कदम भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से उत्पादक साबित नहीं हुए हैं।"
पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय बैठकें होती रही हैं और वे ऑस्ट्रेलिया तथा जापान के साथ क्वाड मंच के माध्यम से भी सहयोग करते हैं।
सुहास सुब्रमण्यम वर्ष 2025 से वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उत्तरी वर्जीनिया में बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग रहते हैं। यह क्षेत्र प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों, उद्यमियों और संघीय सरकारी कर्मचारियों का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है।




